- जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली : द्वारका स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में साहित्य उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों ने अंग्रेजी के चार नाटकों का मंचन किया, वहीं कानून व कविता विषय पर विविध भाषा काव्य कार्यशाला और काव्य संध्या का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रसन्नाशु के नेतृत्व
में छात्रों ने सिल्वर बॉक्स, ट्रायल बॉय जूरी, पिगमलियन और ए मेला फैक्टर नाटक का मंचन किया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अशोक लव ने
कानून और कविता विषय पर आयोजित कार्यशाला में छात्रों
से कविता के विभिन्न पक्षों पर चर्चा की और वहीं पर छात्रों ने कविताएं भी
लिखी। इसका उद्देश्य छात्रों में काव्य सौंदर्य की अनुभूति कराना और लेखन
के लिए प्रोत्साहित करना था। छात्रों की रचित कविताओं में से चार कविताओं
को चुना गया। इसके बाद यूनिवर्सिटी और दिल्ली पोएट्री सर्कल ने मिलकर
बहुभाषी काव्य संध्या का आयोजन किया।
इस मौके पर उपस्थित पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी ने कहा कि
आज का कवि सामाजिक सरोकारों की कविता लिख
रहा है। काव्य की विधा कोई भी हो। गीत, गजल, दोहे व मुक्त छंद। कविता में
संघर्ष करने वालों की पीड़ा की अभिव्यक्ति होना जरूरी है। दिल्ली पोएट्री
सर्कल ने विभिन्न भाषाओं के कवि-कवियत्रियों को आपस में जोड़ने
में पुल का काम किया है। भाषाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन कविता के भाव और संवेदनाएं
समान रहती हैं। सैयद सिब्ते रजी ने डॉ. अशोक लव की कादंबरी पुस्तक
श्रृंखला की छह पुस्तकों और मधुर गीतकार वीरेंद्र कुमार मंसोत्रा के चौथे
काव्य संग्रह जय ¨हद का लोकार्पण किया। दिल्ली पोएट्री सर्कल के सचिव प्रेम बिहारी मिश्रा ने
कहा कि इस तरह के आयोजन से छात्रों को भी मंच पर आने
का मौका मिलता है और पढ़ाई से अलग अन्य गतिविधियों में भी उनकी रुचि बढ़ती
है। इस तरह के आयोजन समय-समय पर होने चाहिए।
