Saturday, 30 May 2015

छात्रों ने किया चार नाटकों का मंचन "- दैनिक जागरण 31मई



  • जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली : द्वारका स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में साहित्य उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों ने अंग्रेजी के चार नाटकों का मंचन किया, वहीं कानून व कविता विषय पर विविध भाषा काव्य कार्यशाला और काव्य संध्या का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रसन्नाशु के नेतृत्व में छात्रों ने सिल्वर बॉक्स, ट्रायल बॉय जूरी, पिगमलियन और ए मेला फैक्टर नाटक का मंचन किया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अशोक लव ने कानून और कविता विषय पर आयोजित कार्यशाला में छात्रों से कविता के विभिन्न पक्षों पर चर्चा की और वहीं पर छात्रों ने कविताएं भी लिखी। इसका उद्देश्य छात्रों में काव्य सौंदर्य की अनुभूति कराना और लेखन के लिए प्रोत्साहित करना था। छात्रों की रचित कविताओं में से चार कविताओं को चुना गया। इसके बाद यूनिवर्सिटी और दिल्ली पोएट्री सर्कल ने मिलकर बहुभाषी काव्य संध्या का आयोजन किया।
इस मौके पर उपस्थित पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी ने कहा कि आज का कवि सामाजिक सरोकारों की कविता लिख रहा है। काव्य की विधा कोई भी हो। गीत, गजल, दोहे व मुक्त छंद। कविता में संघर्ष करने वालों की पीड़ा की अभिव्यक्ति होना जरूरी है। दिल्ली पोएट्री सर्कल ने विभिन्न भाषाओं के कवि-कवियत्रियों को आपस में जोड़ने में पुल का काम किया है। भाषाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन कविता के भाव और संवेदनाएं समान रहती हैं। सैयद सिब्ते रजी ने डॉ. अशोक लव की कादंबरी पुस्तक श्रृंखला की छह पुस्तकों और मधुर गीतकार वीरेंद्र कुमार मंसोत्रा के चौथे काव्य संग्रह जय ¨हद का लोकार्पण किया। दिल्ली पोएट्री सर्कल के सचिव प्रेम बिहारी मिश्रा ने कहा कि इस तरह के आयोजन से छात्रों को भी मंच पर आने का मौका मिलता है और पढ़ाई से अलग अन्य गतिविधियों में भी उनकी रुचि बढ़ती है। इस तरह के आयोजन समय-समय पर होने चाहिए।

Tuesday, 26 May 2015

Poetry and Play Festival at NLU,Dwarka कविता,नाटक और कानून : नैशनल ला यूनिवर्सिटी



आज का कवि सामाजिक सरोकारों की कविता लिख रहा है. काव्य की विधा कोई भी हो — गीत, ग़ज़ल,दोहे, मुक्त छंद, कविता में संघर्ष करने वालों की पीड़ा की अभिव्यक्ति होनी आवश्यक है. ‘ दिल्ली पोयट्री सर्कल ‘ ने अच्छा काम किया है कि सब भाषाओँ के कवि-कवयित्रियों को आपस में जोड़ने के पुल का काम किया है. भाषाएँ अलग हो सकती हैं पर कविता के भाव और संवेदनाएँ समान रहती हैं.”-नेशनल ला यूनिवर्सिटी ,द्वारका,नई दिल्ली और ‘दिल्ली पोयट्री सर्कल’ द्वारा आयोजित काव्य-संध्या के मुख्य-अतिथि के रूप में पूर्व-राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी ने क़ानून, साहित्य और समाज के संबंधों पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा.
नेशनल ला यूनिवर्सिटी में गत वर्षों से साहित्यिक आयोजन होते रहे हैं. इसी परम्परा में इक्कीस मई को यह आयोजन एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ.प्रसन्नान्शु ने किया. इसमें अंग्रेज़ी के चार नाटकों का मंचन किया गया. इसके पश्चात ‘क़ानून और कविता’ विषय पर सर्वभाषा काव्य-कार्यशाला और काव्य-संध्या का आयोजन किया गया. विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सिल्वर बॉक्स, ट्रायल बाय जूरी, पिगमलिअन, ए मेलाफेक्टर इन चार नाटकों का डॉ. प्रसन्नान्शु के मार्गदर्शन में प्रभावशाली मंचन किया. अभिनय और मंचन के तकनीकी पक्ष पर बोलते हुए निर्णायक मंडल की सदस्या श्रीमती नीता अरोडा ने इनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की. इसके पश्चात डॉ.प्रसन्नान्शु और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.अशोक लव ने ‘कानून और कविता’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों से कविता के विभिन्न पक्षों पर चर्चा की तथा विद्यार्थियों ने कविताएँ भी लिखीं. इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में काव्य-सौंदर्य की अनुभूति कराना और लेखन के लिए प्रोत्साहित करना था. विद्यार्थियों ने कविताएँ लिखीं.श्रेष्ठ चार कविताओं का चयन किया गया.
इसके पश्चात बहुभाषी काव्य-संध्या का आयोजन किया गया. इसका आयोजन ‘दिल्ली पोयट्री सर्कल’ और ‘नेशनल ला यूनिवर्सिटी’ की ओर से किया गया.विश्वविद्यालय की छात्रा अन्न्पूरनी सुब्रमणयम ने विश्वविद्यालय की ओर से कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अशोक लव से अध्यक्षता करने का अनुरोध किया. मुख्य-अतिथि सैयद सिब्ते रज़ी (पूर्व राज्यपाल, असम और झारखंड) का मंच पर स्वागत किया गया. इसके पश्चात संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रसन्नान्शु, सचिव प्रेम बिहारी मिश्रा, वित्त सचिव वी.की.मंसोत्रा, संयुक्त सचिव ताराचंद शर्मा ‘नादान’ और विशिष्ट-अतिथियों डॉ.राजेंद्र गौतम, श्री मुकेश सिन्हा, डॉ. विवेक गौतम, डॉ. चंद्रमणि ब्रह्मदत्त और श्री भोगेन्द्र पटेल को मंच पर आमंत्रित किया गया. मुख्य-अतिथि, अध्यक्ष और विशिष्ट-अतिथियों ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया. श्री प्रेम बिहारी मिश्रा ने काव्य-संध्या का संचालन किया. डॉ. प्रसन्नान्शु ने ‘दिल्ली पोयट्री सर्कल’ के अध्यक्ष के रूप में तथा विश्विद्यालय की ओर से मुख्य-अतिथि, विशिष्ट-अतिथियों और कवि-कवयित्रियों का स्वागत किया. श्री प्रेम बिहारी मिश्रा ने डॉ. अशोक लव से अनुरोध किया किया कि वे संस्था के मुख्य-संरक्षक के रूप में ‘दिल्ली पोयट्री सर्कल’ के विषय में बताएँ. डॉ.अशोक लव ने बताया कि वे जब आए तब यहाँ द्वारका में कोई साहित्यिक मंच नहीं था. श्री प्रेम बिहारी मिश्रा से संपर्क के पश्चात डॉ.प्रसन्नान्शु और अन्य कवियों से मिले तथा सुख-दुख के साथी,द्वारका सिटी,लायन्ज़ क्लब आदि संस्थाओं के साथ छह काव्य-संध्याएँ आयोजित कीं.इस प्रकार ‘दिल्ली पोयट्री सर्कल’ का गठन हुआ. यह हमारी तीसरी काव्य-गोष्ठी है.
सैयद सिब्ते रज़ी ने वरिष्ठ साहित्यकार अशोक लव की ‘कादंबरी’ पुस्तक श्रृंखला की छह पुस्तकों और मधुर गीतकार वीरेंद्र कुमार मंसोत्रा के पाँचवें काव्य-संग्रह ‘जय हिंद’ का लोकार्पण किया. इसके पश्चात ताराचंद शर्मा ‘नादान’ की सरस्वती-वंदना से काव्य-संध्या आरंभ हुई. अनिल उपाध्याय,डॉ.राजेंद्र गौतम, डॉ.रमेश सिद्धार्थ, नरेश शांडिल्य,शुभदा बाजपेई, डॉ.विवेक गौतम, अस्तित्व अंकुर, मनीष मधुकर और डॉ. भावना शुक्ला की रचनाओं ने श्रोताओं का मन मोह लिया. कमर बदरपुरी के सादगी से पढ़े शेर जब-जब भी संयोग मिले/ कितने अच्छे लोग मिले. का सबने तालियों से स्वागत किया. डॉ. प्रसन्नान्शु ने इंग्लिश में प्रभावशाली कविताएँ सुनाईं. मनोहर लूथरा ने भी इंग्लिश में कविता-पाठ किया.मधुर गीतकार वी.के.मंसोत्रा ने पंजाबी में रंग जमा दिया. प्रेम बिहारी मिश्रा की प्रेम भाव की कविताओं पर खूब तालियाँ बजीं. इनके अतिरिक्त डॉ.राजीव श्रीवास्तव,राजेंद्र चुघ, अनिल वर्मा मीत, गजेन्द्र प्रताप सिंह,सुनील हापुडिया, डॉ.प्रबोध, मुकेश निरुला, इरफ़ान रही, प्रेम शर्मा, अरविंद योगी, डॉ,तृप्ति माथुर, सुखवर्ष कंवर ’तनहा’,पंकज शर्मा, अजय अक्स, दिनेश सोनी मंजर, संदीप शज़र, मुकेश अलाह्बादी आदि कवि-कवयित्रियों की कविताओं-घज्लों-गीतों ने रंग जमा दिया.डॉ अशोक लव ने अपने अध्यक्षीय भाषण में संक्षेप में पढ़ी कविताओं पर अपने विचार रखे और अपनी कविता और दोहे सुनाये-‘थकी-थकी-सी ज़िंदगी,थके-थके से लोग/थके-थके से चल रहे, है यह कैसा रोग.’
डॉ.प्रसन्नान्शु ने मुख्य-अतिथि सैयद सिब्ते रज़ी और विश्विद्यालय के कुलपति,रजिस्ट्रार, विद्यार्थियों,’दिल्ली पोयट्री सर्कल’ के पदाधिकारियों,श्रोताओं तथा कवि-कवयित्रियों का धन्यवाद किया. 





Saturday, 23 May 2015

Delhi Poetry Circle was formed in Dwarka New Delhi


In a bid to preserve the multilingual literature, some reknowned poets and of Dwarka recently provided a platform to the budding writers and poets. This was done by forming a multilingual community group for literary people.
The concept of this group is to give strength to this art by providing a platform to the upcoming writers and poets of the Sub City. Mr Ashok Lav (Chief Patron),  Dr Prasannanshu (President), Mr  PB Mishra (Secy), Mr VK Mansotra (Finance Secy), Mr Tarachand Sharma'Nadan' decided to form an forum for multilingual poetry. Thus‘Delhi Poetry Circle’ (DPC) came into existence. Sharing his vision about the group, Dr Prashnanshu said, “We want to make it an open platform to grow. DPC also plans to bring out a poetry journal, in addition to holding regular poetry meetings.People interested in promotion of quality literature in India are most welcome to join Delhi Poet Circle. One can contact us on delhipoetrycircl@gmail.com.
Some poets in the group
Dr Kirti Kale, Dr Chandramani Brahmdutt, Dr Shabana “Nazeer”,  Ashok Verma, Jai Singh Arya, Rajender Chugh, Sushma Bhandari. Dr Bhavana Shukla, M Nasir “Nazeer”,  Anil Verma “Meet”, Arvind Yogi, Ashok Sharma,  Astitv “Ankur”, Dinesh Chand Nagar “Dinesh”, Dhruv Kumar Gupta, Dinesh Soni “Manjar”, GS Josh,  Gajender Pratap Singh, ML  Ahuja,  Manish “Madhukar”,  Manohar Luthra,  Naresh Yadav,  RK Aggrawal, Rajender Bhandari “Raj”,  Ramesh Gengle , Ravinder Kumar, Shiv Shankar Goel, Shwetabh Pathak, Sukhwant Singh, Sukvarsh Kanwar “Tanha”,  Ved Prakash Kanwar, Alka Sinha, Neena “Sahar”, Saifali Surabhi, Sukshm Lata Mahajan, Tripti Mathur, Prof. SP Sudhesh.




Friday, 22 May 2015

Syed Sibte Razi inaugurated the Poetry Meet of Delhi Poetry Circle

Syed Sibte Razi was the Chief Guest of Delhi Poetry Cicle's poetry meet held at National Law University Dwarka, New Delhi on 21st May 2015. Dr Ashok Lav presided the function. Dr Praasannanshu President Delhi Poetry Circle had organised the function. in the picture . Syed Sibte Razi is going to light the lamp with  Dr Prasannanshu, Mr Ashok Lav other digniries. Mr Mukesh Sinha is standing with him.

National Law University:Lighting of Lamp by Dr Ashok Lav

Syed Sibte Razi was the Chief Guest of Delhi Poetry Cicle's poetry meet held at National Law University Dwarka, New Delhi on 21st May 2015. Dr Ashok Lav presided the function. Dr Praasannanshu President Delhi Poetry Circle had organised the function. in the picture Dr Ashok Lav is lighting the lamp. Syed Sibte Razi and Mukesh Sinha is standing with him..

Sunday, 17 May 2015

Delhi Poetry Circle organised ' Sarv Bhasha Kavya-Sandhya' at National Law University

Dr Prasannanshu president of Delhi Poetry Circle organised English Plays, Poetry Workshop and Kavya Sandhya at National Law University on 21st May 2015. Mr Syed Sibte Razi,ex-governor of Asam and Jharkhand will be the Chief Guest and Sr writer and poet Mr Ashok Lav will preside the function.

Delhi Poetry Circle : Meeting With Ex-Governor Syed Sibte Razi

Hindi writer and poet Ashok Lav presented his poetry collection 'Ladkiyaan Choona Chahtee Hain Aasman' and collection of  laghukathayen ' Khidkiyon Par Tange Log' to Syed Sibte Razi,ex-governor of Asam and Jharkhand on 16th May 2015 at his residence in Dwarka, New Delhi. Syed Sibte Razi appreciated Ashok Lav for his contribution in Hindi literature.
Dr Prassanashu,President of Delhi Poetry Circle was also present on this occasion.

Tuesday, 12 May 2015

Poets of Dwarka, New Delhi





Dr Prasannanshu, Kirti Kale,  Ashok Lav, Surwesh Yadav, Rajesh Gahlot, Ashok Verma, Sukh Dukh Ke Sathi, Delhi Poetry Circle

Poets Meet Dwarka New Delhi








National Law University:Plys and Poetry Workshop



नेशनल ला यूनिवर्सिटी नई दिल्ली
काव्य-कार्यशाला और नाटकों का मंचन
नेशनल ला यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय काव्य-कार्यशाला और नाटक-मंचन समारोह आयोजित किया गया.17 नवंबर को ‘कविता और क़ानून’ विषय पर हुए आयोजन में वक्ताओं डॉ अशोक लव,डॉ प्रसन्नांशु, डॉ विवेक गौतम,प्रेम बिहारी मिश्र और राकेश पांडेय ने विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए. समस्त वक्ता इस विषय पर सहमत थे कि कविता और कानून दोनों ही समाज के हित के लिए आवश्यक हैं.
विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर डॉ प्रसन्नांशु ने विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों को कविता लिखने के लिए विषय दिया. इसका परिणाम उत्साहजनक रहा. अनेक प्रतिभागियों ने जीवन में पहली बार कविताएँ लिखीं और मंच से सुनाईं. इंग्लिश और हिंदी भाषाओँ में लिखी विद्यार्थियों की कविताओं पर अपनी समीक्षात्मक टिप्पणियों में वरिष्ठ कवियों ने उनकी भरपूर प्रशंसा की.
दूसरे सत्र में आमंत्रित कवि-कवयित्रियों ने कविता-पाठ किया. अशोक वर्मा, सुषमा भंडारी,प्रेम बिहारी मिश्र,बिनीता मलिक,वीरेन्द्र कुमार मंसोत्रा,शोभना मित्तल और विजय सलूजा और संयोजक डॉ प्रसन्नांशु ने अपनी कविताओं द्वारा दर्शकों को खूब प्रभावित किया.इन कविताओं पर कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ अशोक लव ने अपने विचार रखते हुए कहा कि ये कविताएँ सामयिक टो हैं ही इनके साथ मानवीय मूल्यों को स्थापित करने की प्रेरणा देती हैं.उन्होंने अपनी कविताएँ सुनाईं. डॉ प्रसन्नांशु ने इन्हें मंत्र-मुग्ध करने वाली कविताएँ कहा. प्रेम बिहारी मिश्र ने कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन किया.
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर रणबीर सिंह के प्रोत्साहन से इसका आयोजन डॉ प्रसन्नांशु ने किया जो स्वयं इंग्लिश और हिंदी के श्रेष्ठ कवि हैं.
18 नवंबर को इंग्लिश के चार नाटकों का मंचन किया गया.ये नाटक थे-एंटीगोन, द मर्चेंट ऑफ वेनिस,प्रो अर्चिया,द बेनिफिट ऑफ डाउट. ‘क़ानून और साहित्य’ विषय से संबंधित ये नाटक विद्यार्थियों द्वारा अभिनीत और निर्देशित थे, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा. विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो श्री कृष्णदेव राव ने इन गतिविधियों में सक्रिय भाग लेने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि इनसे उनकी प्रतिभाओं को अभिव्यक्ति मिलती है.
इन नाटकों को उपस्थित दर्शकों प्रेम बिहारी मिश्र,जसबीर सिंह,कैप्टन एस.एस.मान,प्रो के कानन,बिनीता मलिक,जयश्री कानन,जे.पी.ध्यानी और डी.सी.माथुर आदि ने विशेष रूप से सराहा और आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के उपकुलपति,रजिस्ट्रार और डॉ प्रसन्नांशु की प्रशंसा की.

Sunday, 3 May 2015

Ek Sham Kavita Ke Naam- At Dwarka


A poetic evening 'Ek sham kavita ke naam'  was organised at Delhi Apartments, Sector 22 by the members of Sukh Dukh ke Sathi and the other residents of the area. In the event budding poets, established poets, and even house wives and other residents recited their creations and showed their interest in literature.PB Mishra informed that more than 100 people enjoyed the evening which concluded with a community feast.Dr Ashok Lav presided the Kavya sandhya and Professor Harish Naval was the chief guest. Eminent poets like Sneh Sudha, Dr Shabana Nzir recited their creations on the occasion. Poets from the community, Anil Upadhyaya, Sudha Sinha, PB Mishra, VK Mansotra, Col PC Chaudhry, Dr Prabodh, Dhruv Kumar Gupta and many others recited their poems on the occasion.
7th May 2013